बीजेपी गवर्नमेंट देशको सुरक्षित रखना चाहती है …
“अग्नि-वीर” क्या है?
हमारे कुछ स्वयंप्रमाणित बुद्धिजीवी, विश्लेषक, मीडीया मूर्धन्य, वक्ता … बार बार सरकारको उपदेश देनेको चले आते है. हो सकता है कि उनका यह कर्तव्य है. किंतु, सरकारको उपदेश देनेसे पहेले दिमाग तो लगाओ. कभी कभी क्या होता है, कि, बीजेपी सरकारके समर्थक टीवी चेनलके एंकर भी सरकारको उपदेश देनेके लिये चले आते है.
सरकारका ध्येय क्या है?
देशकी सुरक्षामें वृध्धि;
सैनिकोंकी कुशलतामें वृध्धि,
अन्यक्षेत्रोंमें भी कुशलताकी वृध्धि,
देश और राज्य के सुरक्षा जवानोंमें एकदुसरोंको समज़नेमें वृध्धि.
सुरक्षाको अधिक व्यापकतामें लाना,
जनतामें भी अनुशासनकी वृध्धि करना,
सरकारने क्या किया?
“अग्निवीर” नामकी एक केडर बनाई. सुरक्षा दलोमें जवानोंकी भर्ती करनेके लिये यह केडर बनायी है.
सरकार का हक्क और फर्ज़ है कि वह देशको आंतरिक दुश्मनोंसे और बाह्य दुश्मनोंसे सुरक्षित रक्खें.
यदि सरकारको लगता है कि सुरक्षाबलमें वृध्धि करना है तो सरकार वह कर सकती है. जब चाहे तब कर सकती है. सरकारके पास पुरा अधिकार है कि वह सुरक्षादलोंकी केडरोंमे भी वृध्धि करें और न भी करें.
सरकार को लगा कि;
देशकी सुरक्षाके लिये अधिकसे अधिक जवान चाहिये.
एक और स्टेंड-बाय कुशल सुरक्षा लेवल चाहिये.
सरकार चाहे तो अन्य देशों कि तरह सुरक्षा-सेवामें अस्थायी रुपसे भर्ती होना हर नागरिकके लिये अनिवार्य कर सकती है. यानी कि हर नागरिकके लिये देशकी सुरक्षाकी शिक्षा लेना और सेनामें कमसे कम कुछ अंतराल तक काम करना अनिवार्य और सुनिश्चित कर सकती है. लेकिन सरकारने ऐसा नहीं किया. सरकारने केवल यही सोचा कि सुरक्षा-सैनिक-शिक्षाको व्यापक बनाया जाय.
सरकारने कहा;
(१) हम तीन युवाओंको “चार वर्ष”की अवधिकी घनिष्ठ सुरक्षाकी शिक्षा देंगे, जिनमें जलसेना, स्थल सेना, वायुसेना सामिल है. इनको हम तगडा शिक्षा एलाउंस भी देंगे. फिर इनको हम स्थायी सैनिक बना देंगे.
(२) इन तीन युवाके हर एकके साथ साथ, हम, तीन और युवाओंको भी, चार वर्ष, घनिष्ठतासे सुरक्षाकी शिक्षा देंगे. मतलबकी ३ + ३ + ३ = ९ युवाओंको भी शिक्षा देंगे. उनको तगडा शिक्षा एलाउंस देंगे और चार वर्षके बाद उनको एक प्रमाण पत्र देंगे. इन ३+९ = १२ युवाओंको समान कक्षाकी शिक्षा देंगे और इनमेंसे ३ श्रेष्ठ प्रदर्शन करनेवाले युवाओंका, स्थायी सेवाके लिये चयन करेंगे.
(३) बाकी बचे ९ युवाओंको, राज्य सरकारोंके आधिन स्थानिक पूलिस दल, होम गार्ड्ज़, सीमा सुरक्षा दल, एवं सुरक्षासेवा एजंसीयां … नौकरीमें प्राथमिकता देंगे.
(४) इन ९ युवाओंको हम ₹ १२०००००/- का उपहार भी देंगे जिससे यदि वे चाहे तो अपना बीज़नेस चालु कर शके और आत्म निर्भर ही नहीं अन्योंको भी रोजी दे शके या अन्य नौकरी करें.
(५) समज़ लो. यह भारतवर्ष है. यह विश्वका सबसे प्राचीन लोकतंत्र है. आपके उपर कोई जबदस्ती नहीं. आपको सेनाद्वारा राष्ट्रको सेवा देनी है तो देनेके लिये आगे आवो. आपको सेनामें भर्ती होना है तो अपनी क्षमता सिध्ध करो.
(६) यदि आपको देशकी सुरक्षामें योगदान देना है तो आगे आवो और अपनी काबिलीयत सिध्ध करो.
प्रधान मंत्रीसे एवं गृहमंत्रीसे निवेदन है कि;
जिन युवाओंने तोडफोड और आगजनी की है, तंत्र द्वारा उनकी पहेचान करवाओ. और उनको और उनको उकसानेवालों पर कानूनी कार्यवाही करो और दंडित करो. यदि कार्यवाहीमें पता चले कि ये सब योजना बध्ध तरिका था, तो उन सबकी नागरिकता छीन लो. देशकी संपत्तिको नुकशान करनेवाले कभी देश भक्त नहीं हो सकते.
“अग्निवीर” के मुद्देपर विरोध करने वाले सब बकवास कर रहे हैं. या तो ये लोग बेवकुफ है या तो ये लोग देशविरोधी ताकतोंसे मिले हुए है. इनमेंसे एक के साथ तो उन्हे संमत होना ही पडेगा.
कोई भी संस्था चाहे वह सरकारी हो या गैरसरकारी, अपनी संस्थाका प्रबंधन कैसा हो, तंत्र कैसा हो, सेवार्थीयोंका कैसे चयन करना … आदि, उनका अबाधित हक्क है. सरकार अपने क्षेत्रमें युवाओंको/जनताको पूछपूछ कर आगे नहीं बढ सकती. जो शिघ्र करना है वह शिघ्र ही करना है. खास करके सुरक्षाका तो क्षेत्र शिघ्रताका है. इनमें विलंब सह्य नहीं. उसमें विलंब हो ही नहीं सकता. विमूद्रीकरणमें यदि देरी की होती तो क्या होता … मालुम है क्या? ज्यादा होशियारी मत दिखाओ.
कुछ मूर्धन्य लोग, कृषि-कानून, सी.ए.ए., जी.एस.टी., विमूद्रीकरण … आदिके साथ, बिना सोचे समज़े “अग्नि-वीर”की तुलना करते है. हमारा रा.गा. नहेरुवीयन कहेता है कि, कृषि-कानून की तरह यह “अग्निवीर” भी वापस लेना पडेगा.
इसका मतलब यही निकलता है कि गद्दारोंकी इन विध्वंशक घटनाओंको अवतरित करनेमें बडी भूमिका रही हो सकती है. इसमें कोई शक नहीं.
शिरीष मोहनलाल महाशंकर दवे

“प्रधान मंत्रीसे एवं गृहमंत्रीसे निवेदन है कि;
जिन युवाओंने तोडफोड और आगजनी की है, तंत्र द्वारा उनकी पहेचान करवाओ. और उनको और उनको उकसानेवालों पर कानूनी कार्यवाही करो और दंडित करो. यदि कार्यवाहीमें पता चले कि ये सब योजना बध्ध तरिका था, तो उन सबकी नागरिकता छीन लो. देशकी संपत्तिको नुकशान करनेवाले कभी देश भक्त नहीं हो सकते.
“अग्निवीर” के मुद्देपर विरोध करने वाले सब बकवास कर रहे हैं”✅✅✅✅✅
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