प्रति गुरुत्वाकर्षण
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प्रति गुरुत्वाकर्षण एक प्रकार का बल होता है, जो गुरुत्वाकर्षण के विपरीत/विरुद्ध कार्य करता है। इस शब्द का उपयोग मुख्यतः भौतिक विज्ञान में किया जाता है।[1]
प्रति गुरुत्वाकर्षण का उदाहरण किसी भी वस्तु को ऊपर फेकने पर वह बल गतिज ऊर्जा में बदल जाता है और वह धरती के गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध ऊपर जाता है और जब गतिज ऊर्जा समाप्त हो जाती है तो वह वापस गुरुत्वाकर्षण बल के कारण आ जाता है।
प्रति गुरुत्वाकर्षण की अवधारणा को समझने के लिए बल और ऊर्जा के बीच संबंध को ध्यान में रखा जाता है। किसी वस्तु की गति या दिशा में परिवर्तन करने के लिए उस पर लगने वाले बल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Peskin, M and Schroeder, D.; An Introduction to Quantum Field Theory (Westview Press, 1995) [ISBN 0-201-50397-2]