अलेक्जेंडर डुगिन
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| व्यक्तिगत जानकारी | |
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| जन्म | अलेक्सांद्र गेलियेविच डुगिन 7 जनवरी 1962 मास्को, रूसी एसएफएसआर, सोवियत संघ[1] |
| वृत्तिक जानकारी | |
| युग | समकालीन दर्शन |
| क्षेत्र | रूसी दार्शनिक |
| विचार सम्प्रदाय (स्कूल) | नव-यूरेशियनवाद |
| मुख्य विचार | भू-राजनीति, राजनीतिक दर्शन, रूढ़िवादी क्रांति, समाजशास्त्र |
| शिक्षा |
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अलेक्ज़ेंडर गेलयेविच डुगिन (रूसी: Александр Гельевич Дугин; जन्म 7 जनवरी 1962) एक रूसी दूर-दक्षिणपंथी राजनीतिक दार्शनिक हैं। उन्हें रूसी नव-यूरेशियनवाद (Neo-Eurasianism) का प्रमुख सिद्धांतकार माना जाता है।[2]
जीवन और प्रारंभिक पृष्ठभूमि
[संपादित करें]डुगिन का जन्म एक सैन्य खुफिया परिवार में हुआ था। 1980 के दशक में वे साम्यवाद-विरोधी असंतुष्ट (anti-communist dissident) रहे और उन्होंने दूर-दक्षिणपंथी संगठन पम्यात से जुड़ाव किया।
सोवियत संघ के विघटन के बाद 1993 में उन्होंने एडुआर्ड लिमोनोव के साथ नेशनल बोल्शेविक पार्टी की सह-स्थापना की। यह पार्टी राष्ट्रीय बोल्शेविज़्म की विचारधारा का समर्थन करती थी। हालाँकि, 1998 में डुगिन ने यह पार्टी छोड़ दी।
विचारधारा और प्रमुख कृतियाँ
[संपादित करें]1997 में डुगिन ने अपनी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक Foundations of Geopolitics प्रकाशित की। इसमें उन्होंने रूस से आग्रह किया कि वह अमेरिका-नेतृत्व वाले तथाकथित अटलांटिकवादी साम्राज्य (Atlanticist empire) को चुनौती देने के लिए गठबंधनों और विजय अभियानों के माध्यम से अपना प्रभाव बढ़ाए।
2002 में उन्होंने यूरेशिया पार्टी की स्थापना की और बाद की पुस्तकों, जैसे The Fourth Political Theory (2009), में अपनी राजनीतिक विचारधारा को आगे बढ़ाया।
उनके विचारों को प्रायः फासीवादी या नव-फासीवादी कहा जाता है। हालाँकि, वे स्पष्ट रूप से फासीवाद, उदार लोकतंत्र और मार्क्सवाद — तीनों का विरोध करते हैं और इसके बजाय रूस में प्रबोधन काल (Enlightenment) के विचारों के विरुद्ध एक संरक्षणवादी क्रांति (Conservative Revolution) की वकालत करते हैं।[3]
डुगिन पर रेने गुएनॉं, जूलियस एवोला, कार्ल श्मिट और मार्टिन हाइडेगर जैसे दार्शनिकों का गहरा प्रभाव रहा है।
करियर
[संपादित करें]डुगिन ने प्रारम्भ में गेन्नादी सेलेज़्न्योव और बाद में सर्गेई नारिश्किन को राजनीतिक परामर्श दिया।
2009 से 2014 तक वे मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय संबंध समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख रहे। 2014 में, प्रो-मैदान यूक्रेनियों की मृत्यु की वकालत करने के कारण भारी विवाद के चलते उन्हें अपने पद से हटा दिया गया।
2023 से वे रूसी राज्य मानविकी विश्वविद्यालय (Russian State University for the Humanities) में इवान इलिन उच्च राजनीति विद्यालय के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
पुतिन से संबंध
[संपादित करें]डुगिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रबल समर्थक हैं। यद्यपि उनके क्रेमलिन से आधिकारिक संबंध नहीं हैं, फिर भी विदेशी मीडिया उन्हें अक्सर "पुतिन का मस्तिष्क" (Putin's brain) कहकर संबोधित करता है। हालाँकि, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि उनके राजनीतिक प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के विलय और 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण का खुला समर्थन किया।
व्यक्तिगत जीवन
[संपादित करें]2022 में उनकी बेटी दार्या डुगिना की हत्या एक कार बम विस्फोट में हुई। यह हत्या व्यापक रूप से यूक्रेन से जुड़ी मानी जाती है, यद्यपि हमलावरों और यूक्रेनी सरकार के बीच संबंध स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं हुए हैं।
संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ Борис Исаев (2005). Геополитика: Учебное пособие (रूसी भाषा में). Издательский дом "Питер". p. 329. ISBN 978-5469006510.
- ↑ "Aleksandr Dugin's Foundations of Geopolitics". tec.fsi.stanford.edu (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-10-02.
- ↑ Verini, James (2025-03-01). "The Imperialist Philosopher Who Demanded the Ukraine War". The New Yorker (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). आईएसएसएन 0028-792X. अभिगमन तिथि: 2025-10-02.