एफबीआई ने अमेरिकी ऊर्जा विभाग के एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को कथित तौर पर मदद कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। न्याय विभाग ने गुरुवार को बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर घर में विस्फोटक और ड्रोन बनाने के लिए सामग्री खरीदी तथा यमन की यात्रा भी की थी।
वॉशिंगटन राज्य के रिचलैंड निवासी 51 वर्षीय एश्टन हमीद एलाबूडी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उसे शुक्रवार को पहली बार अदालत में पेश किया जाना है। अदालत के रिकॉर्ड में उसके पक्ष में बोलने के लिए किसी वकील का नाम दर्ज नहीं है। एफबीआई के मुताबिक, एलाबूडी का मकसद हूती विद्रोहियों की संचार क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करना था। वह पिछले सितंबर में यमन गया था। यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच हिंसा हो रही है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
यमन में संघर्ष की शुरुआत साल 2014 में हुई थी, जब ईरान समर्थित विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद देश की सरकार को सऊदी अरब में निर्वासन में शरण लेनी पड़ी थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका लौटने पर एलाबूडी ने सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा अधिकारियों को बताया कि वह काम के सिलसिले में ओमान से लौट रहा था और अमेरिकी सरकार के एक मिशन का हिस्सा था, जिसका काम मिसाइल रक्षा प्रणालियों का निरीक्षण करना था।
हालांकि, एफबीआई के हलफनामे के अनुसार, जांचकर्ताओं ने एलाबूडी के सुपरवाइजर से पूछताछ की, जिन्होंने कहा कि उन्हें उसकी किसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा विभाग में ऐसा कोई मिसाइल निरीक्षण कार्यक्रम उनकी जानकारी में नहीं था, जिसके लिए एलाबूडी को भेजा गया हो।
एफबीआई के हलफनामे के मुताबिक, एलाबूडी की बातचीत एफबीआई के मुखबिरों ने रिकॉर्ड की थी। इसमें उसने कथित तौर पर बताया कि उसे यमन में गुप्त रूप से प्रवेश करना और वहां से बाहर निकलना पड़ा था। उसने यह भी कहा था कि वह राजधानी पहुंचकर सरकार के उच्च स्तर पर संपर्क स्थापित करना चाहता था। एफबीआई के अनुसार, हालांकि वह सना पहुंचने में सफल नहीं हो सका।
एफबीआई ने बताया कि जांचकर्ताओं ने एलाबूडी के बारे में तब जांच शुरू की, जब उन्हें पता चला कि उसने ऐसे रसायन खरीदे थे जिनका इस्तेमाल आमतौर पर घर में बनाए जाने वाले विस्फोटक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। इनमें एसीटोन और सोडियम बाइसल्फेट के अलावा ड्रोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे भी शामिल थे। एफबीआई के अनुसार, जांच के दौरान एलाबूडी ने कई मुखबिरों से संपर्क किया।
इनमें एक व्यक्ति ऐसा भी था जिसने खुद को हूती कर्नल के तौर पर पेश किया था। एजेंसी के मुताबिक, एलाबूडी ने संचार उपकरणों के संबंध में सलाह और सहायता भी मुहैया कराई। एलाबूडी पर उस अमेरिकी कानून के तहत आरोप लगाया गया है, जिसके तहत अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए गए किसी समूह को भौतिक सहायता मुहैया कराना अपराध है।
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