क्या आपको ज्ञात है जुलाई 1948 में वारंगल जिले के भैरानपल्ली गांव में हैदराबाद निज़ाम के रज़ाकारों और इस्लामिक पुलिस ने 200 हिंदुओं, स्त्रियों और बच्चों सहित सबको लाइन में खड़ा करके गोली से उड़ा दिया था,इनका अपराध सिर्फ इतना था कि यह हिन्दू थे और #जजिया नामक टैक्स नहीं दे पाए थे…. जजिया टैक्स इस्लामिक स्टेट में जीवित रहने के लिए दिए जाने वाला टैक्स है….
सच्चाई यह है कि हैदराबाद के निज़ाम के रज़ाकारों ने भारत की आज़ादी और हैदराबाद को भारत मे मिला लिए जाने की आशंका और प्रतिशोध में कम से कम 50000 हिंदुओं की जान ले ली थी !…पहले से ही हत्याओं,बलात्कारों और आगज़नियों का यह सिलसिला पिछले कई वर्ष तक चलता चला आ रहा था… नेहरू-गांधी खामोशी से यह सब देख रहे थे,मगर सितंबर 1848 में नेहरू की इच्छा के विपरीत सरदार पटेल ने हैदराबाद रियासत के खिलाफ पुलिस और मिलिट्री एक्शन लिया और निज़ाम को सत्ता से बेदखल किया…..
यह सब इतिहास की पुस्तकों से इसलिए गायब है क्योंकि जवाहर लाल नेहरू और देश के तत्कालीन शिक्षामंत्री अबुल कलाम आजाद…देश मे मुसलमानों की छवि चमकाना चाहते थे…देश के करोड़ों हिंदुओं को यह नहीं मालूम कि पंजाब,हैदराबाद,कश्मीर,केरल,बॉम्बे प्रेसिडेंसी, बंगाल इत्यादि में सिर्फ 2-3 महीने 50 लाख से ज़्यादा हिंदुओं को इसी तरह मौत के घाट उतार दिया गया… कोई नहीं पूछता कि जो इलाके हिन्दू बहुल थे (जैसे ढाका,चटगांव,लाहौर ,मीरपुर इत्यादि) पाकिस्तान के हिस्से कैसे बन गए… वक्फबोर्ड का विभाजित भारत मे क्या काम था ?
