Ashwini Vaishnaw on X: "देश की संप्रभुता, अन्नदाता की समृद्धि और बुलंद हौसले के प्रतीक, पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। 🙏"
तब न इस्तीफ़े का जिक्र, न नैतिक ज़िम्मेदारी का। साइट पर गए, बयान दिए, जाँच के वादे किए, और कुर्सी पर बैठे रहे। शास्त्री जी ने मौत के बाद कुर्सी छोड़ दी। वैष्णव जी मौत के बाद सिर्फ़ श्रद्धांजलि का ट्वीट छोड़ते हैं। एक ने जवाबदेही का मिसाल कायम किया, दूसरे ने “नमन” का।