'गुदड़ी के लाल', पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
'जय जवान, जय किसान' के उद्घोष से शास्त्री जी ने देश के अन्नदाता और सीमा प्रहरी को राष्ट्र की शक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक बनाया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्रहित में लिए गए साहसिक निर्णय भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं।
सादगी को संस्कार, कर्त्तव्य को साधना और राष्ट्रसेवा को जीवनधर्म बनाने वाले शास्त्री जी के आदर्श सदैव देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।



