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सामान्य आपेक्षिकता

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सामान्य आपेक्षिकता सिद्धान्त या सामान्य सापेक्षता सिद्धान्त (जनरल थियोरी ऑफ रिलेटिविटी) कहल जा हे, एक वैज्ञानिक सिद्धान्त हे जे कहहे कि ब्रह्माण्डमे कौनो वस्तु दन्ने जे गुरुत्वाकर्षणके खिँचाव देखल जा हे ओकर असली कारण हे कि हर वस्तु अपन मान आउ आकारके अनुसार अपन एन्ने-ओन्नेके दिक्-काल (स्पेस-टाइम) मे मरोड़ पैदा कर दे हे । बरसके अध्ययनके बाद जखनि १९१६ मे अल्बर्ट आइन्स्टाइन ई सिद्धान्तके घोषणा कैलन त विज्ञानके दुनियामे तहलका मच गेल आउ ढाई-सौ बरिससे कायम आइजक न्यूटन द्वारा १६८७ मे घोषित ब्रह्माण्डके दृष्टि हमेशा लागि उलट देल गेल ।[१] भौतिकशास्त्र पर एकर एत्ता गहरा प्रभाव पड़ल कि लोग आधुनिक भौतिकशास्त्र (माडर्न फिजिक्स) के शास्त्रीय भौतिकशास्त्र (क्लासिकल फिजिक्स) से अलगे विषय बतावे लगलन आउ अल्बर्ट आइन्स्टाइनके आधुनिक भौतिकशास्त्रके पिता मानल जाये लगल ।

  1. ↑ "नोबॅल पुरूस्कार जीवनी (नोबॅल बायोग्रफ़ी)". नोबॅल प्राईज़ बायोग्रफ़ी. नोबॅल प्राईज. Archived from the original on 6 मार्च 2007. Retrieved २५ फरवरी २०११. {{cite web}}: Check date values in: |accessdate= (help)