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SBI म्युचुअल फंड की Swiggy में हिस्सेदारी 5% के पार, ₹300 करोड़ के शेयर खरीदे

फंड हाउस ने 29 सितंबर को खुले बाजार से स्विगी (Swiggy) के 1.18 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदे। 29 सितंबर को स्विगी के 253.70 रुपये के बंद भाव के आधार पर इस खरीद की कीमत करीब 300 करोड़ रुपये है।

SBI MF

प्रतीकात्मक तस्वीर

Last Updated: अक्टूबर 2, 2026 | 1:44 PM IST

देश के सबसे बड़े म्युचुअल फंड हाउसों में से एक एसबीआई म्युचुअल फंड (SBI Mutual Fund) ने फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी (Swiggy) में अपनी हिस्सेदारी 5 फीसदी से ज्यादा कर ली है। फंड हाउस ने 29 सितंबर को खुले बाजार से स्विगी के 1.18 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदे। 29 सितंबर को स्विगी के 253.70 रुपये के बंद भाव के आधार पर इस खरीद की कीमत करीब 300 करोड़ रुपये है। हालांकि, नियामकीय सूचना में शेयरों की वास्तविक खरीद कीमत का खुलासा नहीं किया गया है।

स्विगी में हिस्सेदारी 5% के पार

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, SBI म्युचुअल फंड ने अपनी अलग-अलग योजनाओं के जरिए स्विगी के 1,18,38,465 शेयर खरीदे। ये कंपनी में 0.4289 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं। इस खरीद से पहले SBI म्युचुअल फंड के पास स्विगी के 12.97 करोड़ शेयर थे, जो कंपनी की 4.70 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर थे। खरीद के बाद इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 14.15 करोड़ शेयर यानी 5.12 फीसदी हो गई।

5% हिस्सेदारी पार होते ही खुलासा जरूरी

SBI म्युचुअल फंड की हिस्सेदारी 5 फीसदी की सीमा से ऊपर जाने के बाद भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अधिग्रहण नियमों के तहत इसका खुलासा करना जरूरी हो गया। यह खुलासा सेबी के पर्याप्त शेयर अधिग्रहण और नियंत्रण नियमों की धारा 29(1) के तहत किया गया है। SBI फंड्स मैनेजमेंट ने यह जानकारी 30 सितंबर को स्विगी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई को दी।

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स्विगी में घरेलू हिस्सेदारी 50% पार

SBI म्युचुअल फंड की हिस्सेदारी में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब अगस्त में स्विगी के शेयरधारकों ने कंपनी की कुल विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने को मंजूरी दी थी। इससे स्विगी को भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी बनाने की प्रक्रिया में एक जरूरी शर्त पूरी करने का रास्ता साफ हुआ। जुलाई में स्विगी में घरेलू हिस्सेदारी 50 फीसदी से ऊपर पहुंच गई थी, जबकि विदेशी हिस्सेदारी 49.76 फीसदी थी।

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में स्विगी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 4,961 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का घाटा भी 34 फीसदी घटकर 791 करोड़ रुपये रह गया।

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