सितंबर तिमाही में देश के बैंकों की कमाई अच्छी रहने की उम्मीद है। कर्ज बांटने में बढ़ोतरी, फीस से ज्यादा कमाई और फंसे कर्ज के लिए कम रकम अलग रखने से बैंकों का मुनाफा बढ़ सकता है। हालांकि, विदेशों से जुटाई गई बड़ी रकम के कारण बैंकों के ब्याज मार्जिन पर दबाव भी पड़ सकता है।
बिजनेस स्टैंडर्ड रिसर्च ब्यूरो की ओर से जुटाए गए ब्लूमबर्ग के अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंकिंग सेक्टर का कुल शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही से 19.6 फीसदी बढ़कर करीब 1 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है। वहीं, बैंकों की कुल शुद्ध आय 11.1 फीसदी बढ़कर 3.02 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
सरकारी या निजी, किस बैंक का मुनाफा ज्यादा बढ़ेगा?
सितंबर तिमाही में निजी बैंकों के मुनाफे में सरकारी बैंकों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। निजी बैंकों का कुल मुनाफा 23.2 फीसदी बढ़कर 52,027 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। वहीं, सरकारी बैंकों का मुनाफा 14.4 फीसदी बढ़कर 46,861 करोड़ रुपये रह सकता है।
हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले पूरे बैंकिंग सेक्टर का मुनाफा लगभग स्थिर रहने की उम्मीद है। इसमें महज 0.1 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है। निजी बैंकों का मुनाफा एक फीसदी बढ़ सकता है, जबकि सरकारी बैंकों में 1.1 फीसदी की गिरावट आ सकती है।
SBI, HDFC और ICICI बैंक की कमाई कितनी बढ़ेगी?
बड़े बैंकों में एक्सिस बैंक के मुनाफे में सबसे तेज बढ़ोतरी का अनुमान है। सितंबर तिमाही में बैंक का मुनाफा 40.7 फीसदी बढ़कर 7,160 करोड़ रुपये पहुंच सकता है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई का मुनाफा 26.3 फीसदी बढ़कर 21,395 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 6.9 फीसदी बढ़कर 19,918 करोड़ रुपये पहुंच सकता है।
आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 15.9 फीसदी बढ़कर 14,323 करोड़ रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 26.3 फीसदी बढ़कर 4,108 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।
बड़े बैंकों के सितंबर तिमाही के नतीजों का अनुमान
| बैंक | अनुमानित मुनाफा (₹ करोड़) | सालाना बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| एसबीआई | 21,395 | 26.3% |
| एचडीएफसी बैंक | 19,918 | 6.9% |
| आईसीआईसीआई बैंक | 14,323 | 15.9% |
| एक्सिस बैंक | 7,160 | 40.7% |
| कोटक महिंद्रा बैंक | 4,108 | 26.3% |
स्रोत: ब्लूमबर्ग के अनुमानों पर आधारित बिजनेस स्टैंडर्ड रिसर्च ब्यूरो का विश्लेषण।
छोटे बैंकों की कमाई में कितनी तेजी आएगी?
स्मॉल फाइनेंस बैंकों के मुनाफे में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इन बैंकों का कुल मुनाफा करीब 93 फीसदी बढ़कर 1,489 करोड़ रुपये पहुंच सकता है। वहीं, इनकी शुद्ध आय 29.4 फीसदी बढ़कर 7,131 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की कमाई मजबूत रह सकती है। वहीं, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, इंडसइंड बैंक और बंधन बैंक के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
कर्ज बढ़ने के बावजूद बैंकों के मार्जिन पर दबाव क्यों?
बैंकों के सामने सबसे बड़ी चिंता ब्याज से होने वाली कमाई का मार्जिन है। दरअसल, बैंकों ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से विदेशी मुद्रा में बड़ी रकम जमा की है। इसे एफसीएनआर (बी) जमा कहा जाता है।
समस्या यह है कि बैंक इस रकम को तुरंत कर्ज के तौर पर नहीं बांट पाते। ऐसे में जमा पर ब्याज का खर्च शुरू हो जाता है, लेकिन उससे कमाई होने में समय लगता है। इससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम घट सकता है।
जेफरीज के मुताबिक, सितंबर तिमाही में बैंकों के ब्याज मार्जिन पर 4 से 5 आधार अंक का अस्थायी दबाव पड़ सकता है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि बड़े निजी बैंकों के मार्जिन पर 8 से 20 आधार अंक तक असर पड़ सकता है।
जेएम फाइनैंशियल के मुताबिक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के मार्जिन में पिछली तिमाही से 14 से 18 आधार अंक की गिरावट आ सकती है। एचडीएफसी बैंक में करीब 5 और एसबीआई में 3 आधार अंक की गिरावट का अनुमान है।
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आगे बैंकों की कमाई कैसी रहेगी?
ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे-जैसे बैंक विदेशों से जुटाई रकम को कर्ज देने में इस्तेमाल करेंगे, ब्याज मार्जिन पर दबाव कम हो सकता है। महंगे जमा की जगह सस्ते फंड का इस्तेमाल भी बैंकों को राहत दे सकता है।
हालांकि, सितंबर तिमाही में बॉन्ड से होने वाली कमाई घटने की आशंका है। ऐसे में निवेशकों की नजर बैंकों के मुनाफे के साथ कर्ज की बढ़ोतरी, जमा की लागत और ब्याज मार्जिन पर भी रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर ब्लूमबर्ग के आंकड़ों और ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों पर आधारित है। इसमें दिए गए मुनाफे के आंकड़े अनुमान हैं, वास्तविक नतीजे अलग हो सकते हैं। यह किसी बैंक के शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
