Start Date
24/09/2026 - 15:00
End Date
30/09/2026 - 23:45
Time zone: IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed
Created:
24/09/2026
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Tune in to 138th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th September 2026
Prime Minister Shri Narendra Modi addresses the nation through his Radio Address, Mann Ki Baat. This month's episode sees citizens from various corners of the nation addressing their questions and suggestions to PM Modi. #mannkibaat #pmmodi #narendramodi
6 days 11 hours ago
I would like to ask to our Honble Prime Minister Shri Narendra Modi sir that what is the one advice you would like adress with today's and upcoming youth make consistency at any work or goals even after so many failures and difficulties to pursue that work, make every day little perfect with the one's habbit that creates some difference in our society, the way of looking to challenges and overcome all those difficulties just like sir itself after being so much busy and not being absence to single event , even after so much attendings the enthusiasm and eagerness to tell more about those with same energy is just unmatchable to any youngsters nowadays, most of the youngsters suffering from laziness and weakness in the body. What makes to our prime minister attending so many events and still with same great speeches full of energy every single time and selflessly thinking about the nation .
6 days 12 hours ago
Dr. Jainymol K V, hailing from Kannur, Kerala, is a dedicated educator at CAS College, Madayi, and a visionary writer specializing in Radio Studies. As Hon’ble PM Shri Narendra Modi revitalizes the airwaves via the historic "Mann Ki Baat," transforming radio into a bridge connecting leadership with the grassroots, Dr. Jainymol’s research perfectly complements this national resurgence. Recognizing radio as the heartbeat of Indian culture, she has extensively documented its evolution in numerous journal articles and two seminal books: *"Radio: History, Culture, and Present - From Akashvani to Private FM"* (*റേഡിയോ : ചരിത്രം സംസ്കാരം വർത്തമാനം ആകാശവാണി മുതൽ സ്വകാര്യ എഫ് എം വരെ*) and *"The History of Gulf Radio"* (*ഗൾഫ് റേഡിയോ ചരിത്രം*). By chronicling the journey from Akashvani's golden era to modern private FM and the diaspora's voice, she highlights broadcasting's socio-cultural impact. Her academic mission celebrates the very medium that "Mann Ki Baat" uses to inspire India.
6 days 12 hours ago
नमामि भारतम् कार्यक्रम में गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन
📍 भोपाल — आज दिनांक 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को सरस्वती विद्या मंदिर E-4, अरेरा कॉलोनी, भोपाल में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गुलाब राव मुसरेजी द्वारा कार्यक्रम की भूमिका एवं अतिथियों का परिचय कराया गया । इसके पश्चात विद्यालय के सभी भैया-बहनों, अभिभावकगण, आचार्य दीदी, विशिष्ट गणमान्य एवं सम्माननीय अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए एक साथ, एक स्वर एवं एक लय में ‘वंदे मातरम्’ गीत का सामूहिक गायन किया। लगभग 3 मिनट 11 सेकंड तक चले इस सामूहिक गायन से विद्यालय परिसर देशभक्ति एवं राष्ट्रभाव से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम में सत्यापनकर्ता के रूप में डॉ. आर. के. यादव जी,( शासकीय विद्यालय अरेरा कॉलोनी के प्राचार्य);मुख्य वक्ता के रूप में श्री सुनील जी पांडेय रहे
6 days 12 hours ago
Greetings and thank you, Honorable Prime Minister Modiji sir he current economic situation for the common person is extremely difficult; the impact of rising prices is hitting the poor and middle-class sections hard. You have introduced digital initiatives and various schemes, but have they truly been beneficial? Your schemes do not seem to be working for women—especially those from poor and ordinary backgrounds. In fact, the push for digitalization has only led to an increase in digital debt. Now, taxes must be paid on that as well; it appears as though digitalization was introduced merely to enable common people to take on more debt, thereby increasing their financial burden. What about the plight of those with low salaries? I have a suggestion: provide ₹5 lakh in interest-free loans directly to poor and ordinary women, without the need for bank intermediaries. There is no need for complex schemes; make it accessible to everyone, as this would genuinely help them.
6 days 12 hours ago
राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में आज देशभर में राष्ट्रभाव, एकता और देशभक्ति का व्यापक स्वर दिखाई दिया। निर्धारित समय प्रातः 11 बजे, देशभर के 25,000 से अधिक स्थानों पर विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों तथा जनसमुदाय ने एक साथ सम्पूर्ण वन्दे मातरम् का सामूहिक गान किया।
विद्या भारती के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में 75 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की। देश के महानगरों से लेकर छोटे नगरों, ग्रामों और विद्यालयों तक एक ही समय में गूंजे वन्दे मातरम् के स्वर ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष को स्मरण करना तथा इसके माध्यम से नई पीढ़ी और समाज के विभिन्न वर्गों में राष्ट्रभाव को सामूहिक रूप से अभिव्यक्त करना था। एक ही निर्धारित समय पर देश के हजारों स्थानों पर सम्पूर्ण वन्दे मातरम् का गायन इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही।
6 days 12 hours ago
के करोड़ों किसानों, नागरिकों और प्रकृति के हित में, मैं इस पूर्ण तकनीकी ब्लूप्रिंट को सरकार के वरिष्ठ जल इंजीनियरों और नीति आयोग के विशेषज्ञों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत (Present) करना चाहता हूँ।कृपया मुझे इस राष्ट्रीय महत्व की योजना को प्रस्तुत करने के लिए समय देने की कृपा करें। आपके सकारात्मक निर्णय की प्रतीक्षा में।भवदीय-मनीष कुमार राठी मो -७०१७६१०६३०
6 days 12 hours ago
मानसून के दौरान बांधों और बैराजों द्वारा अचानक छोड़े गए अतिरिक्त जल के कारण भयानक बाढ़ आती है, और वही जल बाद में सहेजा न जाने के कारण बहकर व्यर्थ हो जाता है, जिससे गैर-मानसून महीनों में सूखा पड़ता है।इस राष्ट्रीय समस्या के समाधान हेतु मेरे पास एक "बिना बारिश के बांधों और बैराजों के छोड़े गए जल को नए जलाशयों में सहेजने और उसके राष्ट्रव्यापी वितरण" की एक संपूर्ण वैज्ञानिक योजना (Technical Blueprint) तैयार है। इस योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:अतिरिक्त जल का संचयन (Surplus Water Harvesting): बांधों और बैराजों से छोड़े जाने वाले अतिरिक्त पानी को व्यर्थ बहने देने के बजाय, उसे नए निर्मित बड़े जल-बैंकों (Water Reservoirs) और ग्रिडों में मोड़ने की तकनीक।राष्ट्रव्यापी वितरण प्रणाली (National Distribution Network): संचित किए गए इस जल को पाइपलाइनों, नहरों और आधुनिक पंपिंग प्रणाली के माध्यम से देश के उन दूरदराज के हिस्सों तक पहुँचाना जो सूखे की मार झेल रहे हैं।बाढ़ नियंत्रण (Flood Mitigation): नदियों के जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए बैराजों के पानी का पूर्व-प्रबंधन (Pre-management)।देश
6 days 12 hours ago
माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) / माननीय मंत्री, जल शक्ति मंत्रालयभारत सरकार, नई दिल्ली।
विषय: बाढ़ और सूखे के स्थाई समाधान हेतु
जब बांधों (Dams) और बैराजों (Barrages) से अचानक लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है, तो वह पानी नदियों के किनारों को तोड़कर तबाही मचाता है और अंत में बहकर समुद्र में व्यर्थ चला जाता है। एक तरफ यह पानी बाढ़ लाता है, और दूसरी तरफ बारिश न होने पर सूखा पड़ता है।
इस छोड़े गए पानी को बिना बारिश के नए बांधों, जलाशयों या बैराजों में सहेजने (Water Harvesting & Storage System) और उसे पूरे देश में वितरित करने की यह राष्ट्रीय योजना भारत के जल संकट का एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी समाधान हो सकती है।
बांधों एवं बैराजों से छोड़े गए अतिरिक्त जल को सहेजने और राष्ट्रव्यापी वितरण (Distribution) संबंधी तकनीकी ब्लूप्रिंट।आदरणीय महोदय,मैं भारत का एक सजग नागरिक, पिछले कई वर्षों से देश में बाढ़ और सूखे की दोहरी समस्या के स्थाई समाधान हेतु एक विस्तृत तकनीकी ब्लूप्रिंट पर कार्य कर रहा हूँ। जैसा कि विगत वर्षों में पंजाब सहित कई राज्यों में देखा गया है,
6 days 12 hours ago
राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में आज देशभर में राष्ट्रभाव, एकता और देशभक्ति का व्यापक स्वर दिखाई दिया। निर्धारित समय प्रातः 11 बजे, देशभर के 25,000 से अधिक स्थानों पर विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों तथा जनसमुदाय ने एक साथ सम्पूर्ण वन्दे मातरम् का सामूहिक गान किया।
विद्या भारती के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में 75 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की। देश के महानगरों से लेकर छोटे नगरों, विद्यालयों तक एक ही समय में गूंजे वन्दे मातरम् के स्वर ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष को स्मरण करना तथा इसके माध्यम से नई पीढ़ी और समाज के विभिन्न वर्गों में राष्ट्रभाव को सामूहिक रूप से अभिव्यक्त करना था। एक ही निर्धारित समय पर देश के हजारों स्थानों पर सम्पूर्ण वन्दे मातरम् का गायन इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही।
एक समय, एक स्वर और एक लय में
6 days 13 hours ago
राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम ने देशभर में राष्ट्रभाव, एकता और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया। प्रातः 11 बजे देश के 25,000 से अधिक स्थानों पर विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों और जनसमुदाय ने एक साथ सम्पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गान किया। विद्या भारती के अनुसार, इस आयोजन में 75 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की।
महानगरों से लेकर छोटे नगरों, ग्रामों और विद्यालयों तक एक ही समय में गूंजे ‘वन्दे मातरम्’ के स्वर ने भारत की विविधता में एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। ‘नमामि भारतम्’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, एकता और अपने देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को जागृत करने का संकल्प है। एक समय, एक स्वर और एक लय में गूंजता ‘वन्दे मातरम्’ सम्पूर्ण भारत की एकता और राष्ट्रभाव का प्रतीक बना।